शौर्य का सैलाब: मांट में 9 मई को महाराणा प्रताप की 486 वीं भव्य रैली, घोड़ों की टाप और जयकारों से गूंजा कस्बा

कल यानी 9 मई को मांट की गलियां उस समय इतिहास के गौरव से साक्षात्कार हो उठीं, जब हिंदुआ सूरज महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के उपलक्ष्य में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। कस्बे के मुख्य मार्गों से जब यह जुलूस गुजरा, तो ऐसा लगा मानो मेवाड़ का स्वाभिमान ब्रज की माटी पर उतर आया हो। शोभायात्रा का शुभारंभ कस्बे के जनता जूनियर स्कूल से विधि-विधान के साथ शुरू की गयी। रैली का दृश्य इतना विहंगम था कि जिधर नजर जाती, उधर केवल केसरिया साफे और लहराते हुए ध्वज ही नजर आ रहे थे।’महाराणा प्रताप अमर रहें’ और ‘जय राजपुताना’ के गगनभेदी उद्घोषों से पूरा मांट गुंजायमान हो उठा।शोभायात्रा में युवाओं ने पारंपरिक शस्त्र तलवार और भाले का प्रदर्शन कर शौर्य की कलाबाजी दिखाई, जिसे देख राहगीर ठिठक कर रुक गए।स्थानीय दुकानदारों और कस्बेवासियों ने महाराणा की प्रतिमा और शोभायात्रा पर जमकर पुष्प वर्षा की। जगह-जगह ठंडे पानी और शरबत की स्टालें लगाकर राहगीरों और रैली में शामिल लोगों की सेवा की गई।”महाराणा प्रताप केवल एक समाज के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनकी शौर्य गाथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती रहेगी।”भीड़ को देखते हुए मांट पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड़ पर रही। जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहा ताकि यातायात व्यवस्था न बिगड़े। शांतिपूर्ण तरीके से निकली इस भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र में एकता और भाईचारे का संदेश दिया।देर शाम यह शोभायात्रा अपने गंतव्य पर पहुंचकर सभा के रूप में परिवर्तित हुई, जहाँ वक्ताओं ने महाराणा के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x